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उत्तराखंड को ‘खेलभूमि’ बनाने का संकल्प, चम्पावत से हुआ भव्य शुभारम्भ

टनकपुर: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को चम्पावत जिले के स्व. कैलाश चन्द्र गहतोड़ी स्पोर्ट्स स्टेडियम, टनकपुर से ‘खेल महाकुम्भ-मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी-2026’ का औपचारिक शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट खिलाड़ी गहना महर को मशाल सौंपकर इस राज्यव्यापी खेल उत्सव की शुरुआत की।

शुभारम्भ के अवसर पर खिलाड़ियों ने अनुशासन और निष्पक्षता की शपथ ली, साथ ही योगासन और उत्तराखंड के पारंपरिक खेल ‘मुर्गा झपट’ का शानदार प्रदर्शन किया।

इस बार का खेल महाकुम्भ क्यों है खास?

  • 11 करोड़ रुपये का डायरेक्ट कैश प्राइज: न्याय पंचायत से लेकर राज्य स्तर तक के विजेताओं के बैंक खातों में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से लगभग 11 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि सीधे भेजी जाएगी।
  • सरकारी नौकरी में 4% आरक्षण: खेल महाकुम्भ की राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं के पदक विजेताओं को सरकारी सेवाओं में 4 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का लाभ मिलेगा।
  • 10वां संस्करण: 2017 में शुरू हुआ यह आयोजन अपने 10वें संस्करण में प्रवेश कर चुका है। पिछले वर्ष इसमें 2.20 लाख से अधिक खिलाड़ियों ने भाग लिया था।
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प्रतियोगिताओं का पूरा शेड्यूल (सितंबर – अक्टूबर 2026)

यह आयोजन न्याय पंचायत स्तर से शुरू होकर राज्य स्तर तक पहुंचेगा:

स्तर / प्रतियोगिता आयोजन की तिथि
न्याय पंचायत स्तर 01 सितंबर से 10 सितंबर 2026
विधायक चैम्पियनशिप ट्रॉफी 11 सितंबर से 20 सितंबर 2026
सांसद चैम्पियनशिप ट्रॉफी 21 सितंबर से 30 सितंबर 2026
राज्य स्तरीय मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी 10 अक्टूबर से 30 अक्टूबर 2026

इन प्रतियोगिताओं में विभिन्न आयु वर्गों के बालक-बालिकाएं, महिला ओपन एवं दिव्यांगजन खिलाड़ी भाग लेंगे।

खेल और खिलाड़ियों के प्रोत्साहन पर सरकार के मुख्य कदम

  • आउट ऑफ टर्न नियुक्ति: नई खेल नीति के तहत अब तक 29 राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पदक विजेताओं को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है। 38वें राष्ट्रीय खेलों के पदक विजेताओं को भी सेवायोजित करने की प्रक्रिया जारी है।
  • छात्रवृत्ति योजनाएं:
    • 8 से 14 वर्ष: ‘मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना’ के तहत मासिक छात्रवृत्ति।
    • 14 से 23 वर्ष: ‘मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना’ के तहत छात्रवृत्ति के साथ खेल उपकरण खरीदने के लिए वित्तीय सहायता।
  • खेल इंफ्रास्ट्रक्चर: हल्द्वानी में उत्तराखंड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय के प्रथम चरण का शिलान्यास और खटीमा में आधुनिक स्टेडियम निर्माण की घोषणा।
  • एक जनपद-एक खेल: हर जिले की अपनी विशिष्ट खेल पहचान विकसित करने पर जोर।
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‘विकल्प रहित संकल्प’ के साथ आगे बढ़ रहा उत्तराखंड

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड को देश की ‘खेलभूमि’ के रूप में स्थापित करना सरकार का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण और मजबूत राष्ट्र के निर्माण का आधार हैं।

कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण मंत्री रेखा आर्या ने पारदर्शी चयन प्रक्रिया और ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे लाने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। इस मौके पर खेल विभाग के विशेष प्रमुख सचिव अमित कुमार सिन्हा, खेल निदेशक दीप्ति सिंह, जिलाधिकारी मनीष कुमार, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में खिलाड़ी मौजूद रहे।

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