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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दशहरा महोत्सव कार्यक्रम में किया प्रतिभाग, कहा – दशहरा हमारी सांस्कृतिक धरोहर का अमूल्य हिस्सा

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को परेड ग्राउंड देहरादून में दशहरा मोहत्सव कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने हजारों की संख्या में लोगों का अभिनंदन करते हुए हुए दशहरे की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि दशहरा, असत्य पर सत्य, अधर्म पर धर्म और अन्याय पर न्याय की विजय का प्रतीक पर्व है। दशहरा हमारी सांस्कृतिक धरोहर का अमूल्य हिस्सा है। उन्होंने कहा यह पर्व रावण जैसे अहंकारी और अधर्मी के अंत और भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन के गुणों का स्मरण कराता है। सच्चाई, धर्म और न्याय के मार्ग पर चलकर हमेशा बुराई पर अच्छाई की ही जीत होती है। उन्होने कहा अहंकार में रावण और उसकी लंका जलकर खाक हो गई थी।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि दशहरे त्योहार पर हम सभी को अपने अंदर की बुराइयों का त्याग कर सत्य, धर्म और मानवता की राह पर चलने का संकल्प भी लेना है। उन्होने कहा भगवान श्री राम ऐसे आदर्श व्यक्ति हैं जो त्याग, समर्पण, न्याय, करुणा और कर्तव्य के प्रतीक के रूप में पूजे जातें हैं। एक राजकुमार होते हुए भी उन्होंने जंगल में जीवन बिताया, कई कठिनाइयों का सामना किया और  अपनी सेना का गठन कर लंका पर विजय प्राप्त की। उनका आदर्श जीवन हमें विपरीत परिस्थितियो में भी अपने सिद्धांतों और वचनों का पालन करना सिखाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में कई ऐसे स्थान हैं जो भगवान श्री राम, माता सीता, लक्ष्मण जी और हनुमान जी से संबंधित घटनाओं के साक्षी रहे हैं। भगवान हनुमान, चमोली जिले के द्रोणागिरी पर्वत से ही संजीवनी लेकर आए थे।भगवान श्रीराम के कुल गुरू वशिष्ठ जी की तपस्थली भी ऋषिकेश में स्थित है। उन्होंने कहा राज्य के कोने-कोने में राम लीलाएं होती हैं।  हमारी सांस्कृतिक धरोहर और परंपराओं का संरक्षण ही हमें एकजुट और सशक्त बनाती हैं।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण कर सांस्कृतिक मूल्यों को पुनर्जीवित करने का काम किया गया है। उन्होंने कहा अयोध्या की पावन भूमि पर जल्द ही राज्य सरकार उत्तराखंड राज्य अतिथि गृह का निर्माण करने जा रही है। राज्य सरकार ने पौलगढ़ वाइल्ड लाइफ सेंचुरी का नाम बदलकर माँ सीता के नाम पर “सीतावनी वाइल्ड लाइफ सेंचुरी” रखा है। उन्होंने कहा राज्य सरकार उत्तराखंड के देव स्वरूप को सुरक्षित बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होने कहा कि राज्य में किसी भी प्रकार से डेमोग्राफी चेंज बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस पवित्र भूमि का सनातन स्वरूप सदा के लिए सुरक्षित रहेगा और उत्तराखंड का पवित्रता, सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत, सदैव संरक्षित रहेगी। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, राज्य सभा सांसद नरेश बंसल, विधायक खजान दास, विधायक सविता कपूर, संतोष नागपाल, गगन सेठी, नेहा जोशी,  पुनीत मित्तल, अशोक वर्मा एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

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