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सहकारिता मंथन में डॉ. धन सिंह रावत ने गिनाई राज्य की उपब्धियां, कहा – सूबे के 12 लाख किसानों को बांटा ब्याज मुक्त ऋण

  • राज्य में त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय परिसर खोलने की रखी मांग
  • नई दिल्ली में केन्द्रीय सहकारिता मंत्री की अध्यक्षता में हुआ सहकारिता मंथन

नई दिल्ली/देहरादून : नई दिल्ली में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित मंथन कार्यक्रम में प्रदेश के सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने सहकारिता के क्षेत्र में राज्य की उपब्धियों एवं भविष्य की योजनाओं को प्रभावशाली रूप से रखा। उन्होंने केन्द्रीय सहकारिता मंत्री के समक्ष त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय का परिसर प्रदेश में खोलने का भी प्रस्ताव रखा।

भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित मंथन कार्यक्रम में डॉ रावत ने कहा कि उत्तराखंड पहला राज्य है जहां सहकारिता के क्षेत्र में महिलाओं की 33 प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित की गई है। राज्य में मिलेट्स मिशन के तहत किसानों की आमदनी में कई गुना इजाफा हुआ है। जहां एक समय पर पहले किसान अपने मंडुवा को रूपये 10 प्रति किलो के हिसाब से बेचते थे, आज किसानों को सहकारी समितियों के माध्यम से घर से ही 42 रुपए प्रति किलो कि दर से खरीद की जा रही है इससे उत्तराखंड में मिलेट्स उत्पादन में किसानों की रुचि फिर बढ़ गई है.

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डॉ. रावत ने बताया कि उत्तराखंड में महिला सहायता समूह को सहकारिता विभाग द्वारा आवश्यकतानुसार 1 से 3 लाख और 5 लाख का तक का ब्याज मुक्त ऋण बांटा जा रहा है। जिससे महिलाएं आत्मनिर्भर बन स्वरोजगार कर रही हैं। राज्य में अभीतक 12 लाख किसानों को साढ़े 6 हजार करोड़ ऋण वितरित किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि राज्य में नवगठित एमपैक्स सहित अनेक सहकारी संस्थाओं को वित्तीय सहायता की आवश्यकता है, जिनके माध्यम से पर्वतीय क्षेत्रों में मूल्य श्रृंखला आधारित विकास संभव है।

डॉ. रावत ने मंथन बैठक में त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय की स्थापना हेतु उत्तराखंड को उपयुक्त राज्य बताते हुए अनुरोध किया कि संस्थान का एक कैम्पस राज्य में स्थापित किया जाए। राज्य सरकार इसके लिए भूमि एवं ढांचा उपलब्ध कराने को तत्पर है। उन्होंने राज्य में आयोजित होने वाले सात दिवसीय सहकारी मेले में देशभर के सभी राज्यों को एवं सहकारी संस्थाओ को आमंत्रित किया, साथ ही केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह जी को भी उक्त सहकारी मेले मे विशेष रूप से आमंत्रित किया।

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उन्होंने “वाइब्रेंट विलेज“ योजना को सहकारी दृष्टिकोण से जोड़ने का सुझाव देते हुए सेना और सीमा क्षेत्र के निवासियों के बीच सब्जियों एवं आवश्यक वस्तुओं के आदान-प्रदान की सहकारी प्रणाली विकसित करने की बात कही। साथ ही, “घसयारी कल्याण योजना व अन्य राज्य संचालित योजनाओं के सहकारिता मॉडल से एकीकृत कर ग्रामीण परिवारों की आजीविका को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने इन सभी प्रयासों को केंद्र सरकार के सहकारिता दृष्टिकोण से जोड़ते हुए सहयोग एवं मार्गदर्शन की अपेक्षा की।

एनसीडीसी के तहत राज्यों को 30 फीसदी जो सब्सिडी दी जाती थी जो की कृषि मंत्रालय के द्वारा दी जाती थी, वह अब सहकारिता मंत्रालय को शुरू करनी चाहिए इस योजना से कई राज्यों को आर्थिक बल मिलेगा। इसके साथ ही तीन राष्ट्रीय समितियों में प्रति समिति 65 पैक्स के लक्ष्य को पूर्ण करते हुए 500 पैक्स जोड़ दिए गए हैं। डॉक्टर रावत ने कहा कि केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय द्वारा राज्य को जो भी लक्ष्य निर्धारित करते हुए दिए गए थे वह सभी पूर्ण कर लिए गए हैं । इस अवसर पर उत्तराखंड से निबंधक सहकारिता मेहरबान सिंह बिष्ट अपर निबंधक आनंद शुक्ल द्वारा मंथन बैठक में प्रतिभाग किया गया।

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