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मूसलाधार बारिश का कहर: जलभराव, कार पर गिरा पत्थर, 17 सड़कें बंद, जनजीवन अस्त-व्यस्त

नगर पंचायत अगस्त्यमुनि के बसंत विहार, एसबीआई कॉलोनी और खंड विकास कार्यालय के पीछे स्थित क्षेत्रों में भारी जलभराव हो गया। कई घरों और आंगनों में बारिश का पानी भर गया, जबकि कुछ मकानों के भीतर भी पानी घुसने से लोगों को नुकसान उठाना पड़ा। खंड विकास कार्यालय के पीछे स्थित कई घरों तक जाने वाले रास्ते भी जलमग्न हो गए, जिससे स्थानीय लोगों की आवाजाही प्रभावित रही।

बारिश के दौरान सिल्ली के पास पहाड़ी से मलबा आने के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग कुछ समय के लिए बंद हो गया। सूचना मिलते ही संबंधित विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मलबा हटाकर मार्ग को यातायात के लिए दोबारा खोल दिया। वहीं अगस्त्यमुनि पेट्रोल पंप के पास पहाड़ी से एक विशाल बोल्डर गिरने से वहां खड़ी एक कार पूरी तरह उसकी चपेट में आ गई। राहत की बात यह रही कि घटना के समय कार में कोई सवार नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया।

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लगातार बारिश और जलभराव के कारण चिल्ड्रन एकेडमी इंटरमीडिएट कॉलेज जाने वाला मार्ग भी पानी में डूब गया। छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए विद्यालय प्रशासन ने एहतियातन स्कूल में अवकाश घोषित कर दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में समुचित ड्रेनेज व्यवस्था नहीं होने के कारण हर वर्ष बारिश के दौरान जलभराव की गंभीर समस्या उत्पन्न हो जाती है।

अलकनंदा और मंदाकिनी चेतावनी स्तर से ऊपर

जिले में लगातार हो रही बारिश के कारण अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों का जलस्तर चेतावनी स्तर से ऊपर दर्ज किया गया है। जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार बुधवार सुबह सात बजे अलकनंदा नदी का जलस्तर 626.80 मीटर दर्ज किया गया, जबकि चेतावनी स्तर 626.00 मीटर है। वहीं मंदाकिनी नदी का जलस्तर 625.50 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जो 625.00 मीटर के चेतावनी स्तर से अधिक है। हालांकि दोनों नदियां अभी खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों और श्रद्धालुओं से सतर्क रहने तथा नदी तटों से दूर रहने की अपील की है।

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जिले में 17 सड़कें बाधित

लगातार बारिश और भूस्खलन के चलते रुद्रप्रयाग जिले में एक राष्ट्रीय राजमार्ग, सात राज्य मार्ग, चार लोक निर्माण विभाग (PWD) मार्ग, चार प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) मार्ग तथा एक एनपीसीसी मार्ग सहित कुल 17 सड़कें बाधित हैं। प्रशासन और संबंधित विभागों की टीमें बंद मार्गों को खोलने के लिए लगातार राहत एवं बहाली कार्य में जुटी हुई हैं।

राज्यभर में 111 सड़कें बंद

प्रदेशभर में भी भारी बारिश का व्यापक असर देखने को मिल रहा है। भूस्खलन और अन्य कारणों से तीन राष्ट्रीय राजमार्ग, छह राज्य मार्ग सहित कुल 111 सड़कें बंद हैं। इनमें 76 ग्रामीण सड़कें शामिल हैं। सबसे अधिक प्रभावित देहरादून जिला है, जहां एक राष्ट्रीय राजमार्ग और पांच राज्य मार्ग सहित 27 सड़कें बंद हैं। इसके अलावा अल्मोड़ा में दो, बागेश्वर में आठ, चमोली में 12, नैनीताल में सात, पौड़ी में छह, पिथौरागढ़ में 16, रुद्रप्रयाग में पांच, टिहरी में 17 और उत्तरकाशी में 11 सड़कें बाधित हैं।

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24 घंटे में रिकॉर्ड हुई वर्षा

पिछले 24 घंटों के दौरान रुद्रप्रयाग में 10 मिमी, ऊखीमठ में 37.50 मिमी और जखोली में 12 मिमी वर्षा दर्ज की गई। लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए नगर पालिका और नगर पंचायतों द्वारा लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों को नदी किनारों से दूर रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी जा रही है। जिला प्रशासन ने मौसम की स्थिति को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

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